छत्तीसगढ़

कविता पाठ में वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड बनाने में कोयलांचल चिरमिरी की कवयित्री ’मल्लिका रुद्रा भी शामिल हुई

(पूर्व महापौर रेड्डी ने बधाई देते हुए, उनके इस पहल को भगीरथ प्रयास बताया)

चिरमिरी। कहा जाता है कि साहित्य समाज का वह आईना है, जो मनुष्य के दिल, दिमाग, विकास की गाथा सहित किसी भी युग मे व्यक्ति का विकास एवं सोचने-समझने के ढंग को एक जीवन्त स्वरूप में किसी भी अन्य युग मे प्रामाणिक रूप से प्रस्तुत करने का काम करता है। साहित्य समाज में उत्साह, ऊर्जा और प्रेरणा देना का एक सशक्त माध्यम सदैव रहा है। भारतवर्ष के परम्परा में मिली इस साहित्य प्रेम को आज भी कवियों ने बड़े तन्मयता से सजा-संवार कर, एक और दूसरी पीढ़ी को आगे बढ़ाने का अविरल यात्रा जारी रखा है। जिस क्रम में विश्व रिकार्ड बनाये जाने के भगीरथ प्रयास में चिरमिरी की मशहूर हो रही कवियित्री श्रीमती मल्लिका रुद्रा ने अपने आयोजनों के सम्बंध में जानकारी देते हुए बताया कि माँ भारती अंतर्राष्ट्रीय अबाध हिंदी कविता पाठ दिल्ली, मैजिक मैन एन चन्द्रा फेसबुक पेज एवं यू-ट्यूब चैनल द्वारा 31 अगस्त से 2021 प्रातः 10 बजे से 14 सितम्बर 2021, हिन्दी दिवस तक ऐतिहासिक अविस्मरणीय अनवरत अबाध हिन्दी कविता पाठ ष्माँ भारती कविता महायज्ञष् का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता प्रख्यात साहित्यकार डॉ. हरीश नवल ने किया। इस कविता महायज्ञ के आयोजन में विश्व के लगभग 28 देशों व भारत के प्रसिद्ध साहित्यकारों एवं कवियों ने भाग लिया। अबाध, अनवरत तथा धारा प्रवाह जीवंत कविता पाठ 15 दिनों तक सुचारू रूप से संचालित किया। यह विश्व में किसी भी भाषा में किया गया प्रथम आयोजन है, जिसको विश्व कीर्तिमान के रूप में वर्ल्ड बुक ऑफ रिकार्ड लंदन में नामांकित किया जाएगा। इसके लिए वर्ल्ड बुक ऑफ रिकार्ड्स, लंदन, यू के से आधिकारिक प्रयास के लिए अनुमति प्राप्त हो चुकी है। यह आयोजन हिंदी भाषा को समर्पित है एवं हिंदी पखवाड़ा मनाते हुए विश्व कीर्तिमान स्थापित करने जा रहा है। नरेश चंद्र जोशी व्यवस्थापक एवं निदेशक, द मैजिक मैन एन चंद्रा फेसबुक पेज एवं यूट्यूब चैनल पर चिरमिरी की शान, एस ई सी एल चिरमिरी के फोरमैन एवं पूर्व क्रिकेटर लोकेन रुद्रा की पत्नी व डी.ए.व्ही. चिरमिरी की हिन्दी विषय की अध्यापिका श्रीमती मल्लिका रुद्रा ने 13 सितंबर प्रातः 7 बजे से 7.30 बजे तक काव्यपाठ कर माँ भारती कविता महायज्ञ में अपनी आहुति दी। उनकी काव्य पंक्तियों में विभिन्न विषयों को छुकर श्रोताओं के समक्ष प्रश्न चिह्न अंकित किया। श्रीमती मल्लिका जी ने बताया कि 13 सितंबर प्रातः श्री नरेश चंद्र जोशी ने फोन पर सिर्फ पाँच मिनट में तैयार होकर चैनल में बैठने का ऐतिहासिक अवसर प्रदान किया। लगातार समाचार पत्र में लिखने व कविताओं के माध्यम से समाज को जागरूक करने वाली इस लेखिका को इससे पूर्व दिल्ली में विभिन्न न्यूज चैनलों द्वारा भी महिला दिवस पर नारी रत्न सम्मान से नवाजा जा चुका है। उनके प्रतिभा के लिए पूरे चिरमिरी नगर वासियों ने उन्हें शुभकामनाएँ प्रेषित की है। इसी क्रम में जानकारी पाकर क्षेत्र पूर्व महापौर के. डोमरू रेड्डी ने कोयलांचल के इस कवियित्री के द्वारा किए गए पहल की सराहना करते हुए उन्हें बधाई देते हुए इसे साहित्य को आगे बढ़ाने के दिशा में भगीरथ प्रयत्न बताते हुए, चिरमिरी जैसे छोटे शहरों में नवोदित कवियों के लिए इसे प्रेरणादायक बताया है।

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