*पौराधार में जय माता दी समिति द्वारा माता की प्रतिमा की स्थापना की गई* राजनगर/पौराधार - दुर्गा पूजा का उत्सव शक्ति की स्वरूपा देवी द्वारा बुराई के प्रतीक राक्षस महिषासुर पर विजय के रूप में मनाया जाता है। इसलिए इस पर्व को बुराई पर अच्छाई की विजय के रूप में भी स्वीकार किया जाता है। दूर्गा पूजा को दुर्गोत्सव के नाम से भी जाना जाता है। ये शरदोत्सव नाम से दक्षिण एशिया में मनाया जाने वाला पर्व है। इस दौरान देवी दुर्गा की पूजा की जाती है। इसमें छः दिनों को महालय, षष्ठी, महा सप्तमी, महाअष्टमी, महानवमी और विजयदशमी के रूप में मनाया जाता है। दुर्गा पूजा को मनाये जाने की तिथियां पारम्परिक हिन्दू पंचांग के अनुसार निश्चित होती है। ग्राम पंचायत डूमर कछार (पौराधार) में नवरात्रि के पावन पर्व पर सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए जय माता दी समिति द्वारा कलश यात्रा के साथ मां दुर्गा प्रतिमा स्थापित कर शारदीय नवरात्र पूजन आरंभ की गई। जिसमें नगर की महिलाओ ने सोशल डिस्टेन्स का पालन एंव मास्क का उपयोग करते हुए कलश यात्रा में भाग लिया ।करोना काल में भी पूजन को लेकर लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ है ।जहां एक और लोग मास्क लगा कर सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन कर रहे हैं वही अपनी सांस्कृतिक मान्यता के अनुसार दुर्गा उत्सव भी बड़े हर्ष उल्लास के साथ मना रहे हैं। इस उत्सव को सफल बनाने में नगर के गणमान्य नागरिक उपक्षेत्रीय प्रबंधक राजनगर उदय राजू एस ओ माइनिंग हसदेव क्षेत्र आर पी शर्मा सरपंच गीता देवी का स्वागत समिति सदस्यों द्वारा किया गया समिति के अध्यक्ष रामाधार गौतम उपाध्यक्ष गजेंद्र सिंह परिहार सचिव सत्यदेव सिंह सह सचिव विक्रम चौरसिया कोषाध्यक्ष संजय राव संचालक समिति चंचल कुमार मित्रा सुनील कुमार चौरसिया कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार मित्रा (केस्टो) जनपद सदस्य मुन्नी देवी चौहान समिति सदस्य अप्रेस दास ,ठाकुर राम , रमेश सिंह ,राम नारायण यादव , प्रिंस तिवारी , मंतोष सॉव ,आर बी त्रिपाठी, कामता उपाध्याय उपस्थित रहे।