*किसान आंदोलन के समर्थन में दिनांक 05/12/2020 को एसईसीएल के समस्त क्षेत्रों में एटक यूनियन करेगा विरोध प्रदर्शन*- *हरिद्वार सिंह* संतोष चौरसिया अनूपपुर किसान कृषि बिल के विरुद्ध किसानों द्वारा देश के कई हिस्सों में लगातार विरोध किया जा रहा है। किसानों का मानना है कि यह बिल किसानों के हित में नहीं है और इस बिल से किसानों का शोषण होगा। किसानों के इस आंदोलन को लगातार समर्थन मिल रहा है। किसानों द्वारा किए जा रहे आंदोलन को देश के पहले मज़दूर संगठन एटक ने समर्थन किया है। एटक की राष्ट्रीय महासचिव कामरेड अमरजीत कौर जी ने समर्थन देते हुए कहा है कि यह बिल किसानों के अधिकारों का हनन व किसानों का वजूद समाप्त करने वाला है। कामरेड अमरजीत कौर जी ने एटक के तमाम नेताओं एवं कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा है कि पूरे देश में एटक के नेता एवं कार्यकर्त्ता किसान आंदोलन का समर्थन करें और यथासंभव सहयोग करें। एटक मध्यप्रदेश के प्रांतीय अध्यक्ष एवं संयुक्त कोयला मज़दूर संघ (एटक) के केंद्रीय महामंत्री कामरेड हरिद्वार सिंह ने भी किसान आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा है कि किसान कभी बाढ़, तो कभी सूखा आदि विभिन्न कठिन परिस्थितियों से संघर्ष करते हुए फसल पैदा करते हैं और देश को अन्न देते हैं। ऐसे में देश की सरकार का यह दायित्व है कि वह किसान के हितों की रक्षा करें, किसानों को उनके फसल का उचित मूल्य मिले। लेकिन वर्तमान की यह सरकार पूर्ण रूप से किसान विरोधी है यह साबित हो चुका है। यह सरकार पूंजीपतियों के इशारे पर कार्य कर रही है। एटक किसानों के साथ है। किसानों का यह आंदोलन भारत के इतिहास में किसान विरोधी हुकूमत के विरुद्ध सबसे बड़ा आंदोलन साबित होगा। कामरेड हरिद्वार सिंह ने कहा है कि अन्नदाता किसानों भाइयों के समर्थन में कल दिनांक 05.12.2020 को एसईसीएल के समस्त क्षेत्रों में पुतला दहन, नारेबाजी इत्यादि के साथ विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। समस्त क्षेत्रों को इस संबंध में दिशानिर्देश दिया जा चुका है। यह प्रदर्शन वर्तमान की किसान मजदूर विरोधी व पूंजीपति हितेषी सरकार के खिलाफ एक आवाज बुलंद करना व किसान आंदोलन को अपना संपूर्ण समर्थन देने के क्रम में एक प्रयास है