सप्ताहभर चलेगा वन प्राणी सुरक्षा अभियान अनूपपुर। जितनी जिम्मेदारी, वन प्राणियों की सुरक्षा को लेकर वनविभाग की होती है उतनी ही जिम्मेदारी आम जनता की भी बनती है। वनो की सुरक्षा के साथ-साथ वनप्राणियों की रक्षा करना हर नागरिक का कर्तव्य बनता है। मौजूदा वक्त में यदि हम अपने कर्तव्यों से विमुख होते है तो उसका दुष्परिणाम आने वाले समय में हमारी पीढ़ी पर पड़ना वाला है। जंगल है तो जीवन है, इसी भावना के साथ जंगल के हर जीव-जंतु की मानव को उनकी सुरक्षा की भी चिंता करनी चाहिए। जिस तरह से मौजूदा व्यक्त में इंसान जंगल और जंगली जंतुओं को अपना शिकार बना रहा है वह निश्चित तौर पर घातक है हम सभी को मिलकर इनकी सुरक्षा के लिए संकल्प लेना चाहिए तभी आने वाला भविष्य हमारा सुनहरा और सुरक्षित होगा। उक्त बातें वनमंडला अधिकारी एम.एस.भगदिया ने एक मुलाकात के दौरान कहीं, उन्होने बताया कि 30 सितम्बर से 7 अक्टूबर तक वन प्राणी सप्ताह कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा। कार्यक्रम के माध्यम से करेगें जागरूक अनूपपुर जिला वनमंडला अधिकारी एम.एस.भगदिया ने कहा कि वनप्राणी सुरक्षा सप्ताह का कार्यक्रम 30 सितम्बर से 07 अक्टूबर तक चलेगा इस दौरान जिले के विभिन्न वन परिक्षेत्रो में कार्यक्रमों का आयोजन किया जायेगा। जिसके माध्यम से जनता को वनप्राणियों के प्रति जागरूक किया जायेगा। जिससे होने वाले वनप्राणियों के हमलो पर अंकुश लग सके। कहां जाये, जंगली प्राणी जिस तरह से इंसानो का कब्जा धीरे-धीरे जंगलो पर बढ़ता जा रहा है उससे जंगली प्राणियों पर संकट गहराता जा रहा है। वन मंडला अधिकारी एम.एस भगदिया ने कहा कि इंसान आज जंगलो में अपना हस्ताक्षेप बढ़ा रहा है जिसके कारण जंगली जंतु अब इंसानो की बस्ती में घुस रहे है और हमले कर रहे है। इसलिए समय रहते हर किसी को जंगल के महत्व को समझना होगा, जिससे पृथ्वी का संतुलन बरकरार रहे है और जंगली जंतुओं को भी जीने का पूरा अधिकार मिलना चाहिए और इसकी चिंता सभी वर्गो के लोगों को करनी चाहिए। स्कूली बच्चो को देगें संदेश 18 अक्टूबर 2019 को जैव विविधता कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा इस आयोजन में जिले के अधिकांश विद्यालयो से छात्र-छात्राओं को सम्मिलित किया जायेगा सभी को कार्यक्रम के माध्यम से जागरूक किया जायेगा, और प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जायेगा। इस प्रतियोगिता में अच्छे स्थान हासिल करने वाले छात्र-छात्राओं को आगे के लिए चयन किया जायेगा। इस कार्यक्रम के माध्यम से जंगल की तमाम बातो से छात्रो को अवगत कराया जायेगा, ताकि आने वाले भविष्य में यहीं छात्र जंगल के प्रति अपने लगाव को बेहतर तरीके से प्रकट कर सके।