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एस ई सी एल जमुना कोतमा क्षेत्र के प्रबंधन का दोहरा चरित्र उजागर,एक ही अपराध मामले में एक को नौकरी से किया बर्खास्त बसरूद्दीन को अभयदान ?? एसईसीएल का कर्मचारी बसरूद्दीन कंपनी के जमीन पर बिना अनुमति के किया अवैध कब्जा

एस ई सी एल जमुना कोतमा क्षेत्र के प्रबंधन का दोहरा चरित्र उजागर,एक ही अपराध मामले में एक को नौकरी से किया बर्खास्त बसरूद्दीन को अभयदान ?? एसईसीएल का कर्मचारी बसरूद्दीन कंपनी के जमीन पर बिना अनुमति के किया अवैध कब्जा

अनुपपुर एस ई सी एल कंपनी किसी भी कर्मचारी को नौकरी देने के पहले अपने नियम और कानून की जानकारी देती है और उन नियम कानूनों को कर्मचारी द्वारा गंभीरता से पालन करना होता है है पर कालरी प्रबंधन का यहां भी दोहरा चरित्र नजर आता है
यदि कोई कर्मचारी एसईसीएल के नियम कानून का उल्लंघन करता है तो कंपनी उस कर्मचारी पर सख्त कार्यवाही भी करती है ऐसे कई मामले केवल एसईसीएल ही नहीं बल्कि कोल इंडिया की अन्य कंपनी में भी देखने को मिलते रहे है पर जमुना कोतमा के प्रबंधन के लचर रवैया के चलते कुछ कालरी कर्मचारी नियम कानून को ठेंगा दिखाते है और प्रबंधन मूक दर्शक बना रहता है

निरंकुश कालरी प्रबंधन के कुछ कर्मचारी एसईसीएल कंपनी को अपने नौकरी के दौरान हल्के में ले कर बिना सक्षम अधिकारी के अनुमति के कदाचार का उल्लंघन करते रहते हैं बात एस ई सी एल कंपनी जमुना कोतमा क्षेत्र के आमाडाण ओसीपी में कांटा घर में डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर कार्य करने वाला बसरूद्दीन पिता सहादत अली निवासी लाहसुई कैम्प ने कंपनी के नियम कानून को धता बताते हुए प्रबंधन को ठेंगे में रखा हुआ है
कंपनी द्वारा कालरी कर्मचारी बसरूद्दीन को लाहसुई कैम्प के आवासीय परिसर मकान नंबर A/48 में रहने की अनुमति दी लेकिन बसरूद्दीन ने बिना कंपनी के सक्षम अधिकारी के अनुमति के कंपनी के लगभग 35 मीटर जमीन पर अवैध कब्जा कर कई पक्के मकान बना लिए और इस बात की जानकारी प्रबंधन के अधिकारीयों को देना उचित नहीं समझा या यूं कहें कि बसरूद्दीन के आगे कालरी प्रबंधन पूरी तरह नतमस्तक हो चला है

सवाल यही उठता है कि कंपनी के अधिकारियों ने कुछ कर्मचारियों पर कार्यवाही की लेकिन कुछ कर्मचारियों को नजरअंदाज कर रही है कई वर्षों पूर्व जमुना काली में कंपनी के आवास पर रहने वाले राम लखन सिंह द्वारा अपने मकान के पास 10×10 का एक कमरा बनाया था जिसे कालरी प्रबंधन ने गंभीरता से लेते हुए रामलखन सिंह को नौकरी से पद मुक्त कर दिया हालांकि मामला अब भी कोर्ट में विचाराधीन है पर सवाल यह भी उठता है कि एक कर्मचारी को 10 बाई 10 के रूम पर नौकरी से पद मुक्त कर दिया जाता है तो वहीं एक कर्मचारी द्वारा 35 मीटर जमीन पर अवैध कब्जा कर लगभग दो हजार स्क्वायर फीट पर एक पक्का अवैध मकान बनाया गया उस पर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं होना प्रबंधन की कर्यप्रणाली को संदेहास्पद बनाती है
स्वाभाविक है कि यह मामला संबंधित अधिकारियों के लिए गले की हड्डी बन गई है कारण यह कि कंपनी की आवास में दो गुना अवैध मकान बनाकर कदाचार का उल्लंघन करने वाले बसरूद्दीन पर कालरी की बिजली का अवैध उपयोग किया जाता है कालरी की अन्य सुविधाओं का उपयोग कर कालरी को जबरदस्त नुकसान पहुंचाया जा रहा है पूर्व में श्रमिक रामलखन सिंह को छोटे से मकान पर कार्रवाई कर उन्हें नौकरी से मुक्त किया गया वही बसरूद्दीन मामले में अभी तक प्रबंधन के कानों में जूं तक नही रेंग रही जो अपने आप मे कई सवाल खड़े करता है
इस पूरे मामले में कई बार शिकायत हुई पर प्रबंधन के लचर रवैया के चलते मामला हाई कोर्ट के संज्ञान में लाने की तैयारी कुछ सामाजिक लोगों द्वारा की जा रही है क्यों कि एक ही तरह के अपराध मामले में एक कर्मचारी को सेवा से बर्खास्त किया गया और एक कर्मचारी द्वारा जमीन पर अवैध कब्जा कर कालरी की जमीन पर मकान बनाने के मामले में कोई कार्यवाही नहीं किया जाना कालरी प्रबंधन के दोहरे चरित्र को उजागर करता है

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