राजनगर। अनूपपुर जिला पंचायत अंतर्गत जनपद पंचायत अनूपपुर के ग्राम पंचायत सेमरा के सरपंच मुन्ना अगरिया को पद से पृथक कर दिया गया है। जो अब एक राजनीतिक प्रतिद्वंदिता का रूप लेते जा रहा है जहां कुछ लोगों का कहना है कि सरपंच को राजनीतिक प्रतिद्वंदिता के कारण बलि का बकरा बनना पड़ा तो, कुछ लोगों का मानना है कि सरपंच को पंचायत में किए जा रहा है भ्रष्टाचार एवं निष्क्रियता के कारण हटाया गया है इस संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत सेमरा के सरपंच मुन्ना अगरिया के विरुद्ध पंचायत में बरती जा रही भ्रष्टाचार एवं निष्क्रियता को लेकर ग्राम पंचायत के 12 पंच सहित सचिव एवं रोजगार सहायक के द्वारा शिकायत की गई थी सरपंच की निष्क्रियता के कारण गांव का विकास नहीं हो पा रहा है जिसके पश्चात जनपद पंचायत सीईओबदरा के द्वारा एडीओ एवं पीसीओ के 2 सदस्य की एक टीम 18 मई 2020 को जांच के लिए भेजी गई जिनके द्वारा जांच करने के पश्चात 22 मई 2020 को अपनी रिपोर्ट सौंपी गई जांच के बाद उक्त रिपोर्ट सीईओ जिला पंचायत को सौंपा गया जिसके पश्चात जिला पंचायत सीईओ द्वारा दुबारा जांच के लिए एसडीएम कोतमा को भेजा गया जहां एसडीएम कोतमा द्वारा शिकायत करने वाले सभी पंचों से मिलकर चर्चा की एवं अपने सामने ही शपथ पत्र कराया जिसके पश्चात एसडीम कोतमा द्वारा 24 जुलाई 2020 को अपनी रिपोर्ट जिला पंचायत सीईओ को सौंपी गई जिसमें यह पाया गया कि ग्राम पंचायत के पंच एवं सचिव द्वारा की गई शिकायत सही है जिसके पश्चात कार्रवाई करते हुए ग्राम पंचायत सेमरा के सरपंच मुन्ना अगरिया को पद से पृथक कर दिया गया।