छत्तीसगढ़

सरकार को शिक्षाकर्मियों का संविलियन जल्द करना चाहिए : शिवरतन

(हेमंत बघेल)
बलौदाबाजार। प्रदेश में शिक्षाकर्मी अपने संविलियन की मांग को लेकर संविलियन अधिकार मंच के बैनर तले प्रदेश संयोजक विवेक दुबे और जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में सभी 90 विधानसभा के विधायकों को ज्ञापन सौंपकर अपनी संविलियन करने का गुहार कांग्रेस सरकार से लगा रही हैं। विदित हो कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने अपनी अगुवाई में पंचायतों और नगरीय निकायों में कार्यरत करीब 1 लाख 50 हजार शिक्षाकर्मियों को स्कूल शिक्षा विभाग में संविलियन करने का फैसला लिया गया था। लेकिन अभी तक छत्तीसगढ़ में आधे से ज्यादा शिक्षाकर्मियों का संविलियन नही हो पाया है जिसको ध्यान में रखते हुए ‘संविलियन अधिकार मंच’ के प्रतिनिधि मंडल ने भाटापारा विधानसभा क्षेत्र के विधायक शिवरतन शर्मा से मुलाकात किया और निवेदन करते हुए किया की क्षेत्र के जनप्रतिनिधि होने के नाते संविलियन की मांग को लेकर आप भी आवाज उठाएं । शिक्षाकर्मियों ने विधायक शिवरतन शर्मा को बताया कि 8 वर्ष की सेवा बंधन पूर्ववर्ती सरकार द्वारा लागू किए जाने के चलते वह सभी संविलियन से वंचित हो गए हैं और अब उन्हें न तो समय पर वेतन मिलता है, न ही 3 साल से महंगाई भत्ता मिला है और न ही उनके लिए कोई स्थानांतरण नीति बनाई गई जिसमे संविलियन ही एकमात्र रास्ता है जिससे यह पूरी व्यवस्था सुधर सकती है और यह कांग्रेस पार्टी के जनघोषणा पत्र में भी शामिल है। विधानसभा के सदस्य होने के नाते आप भी इसके लिए प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री भुपेश बघेल से निवेदन करें ताकि हमें जल्द से जल्द अपना हक और अधिकार हक मिल सके। वही लोगों से रूबरू होते विधायक शिवरतन शर्मा ने कहा कि मैं आप लोगों के लिए आवाज जरूर उठाऊंगा और प्रदेश की कांग्रेस सरकार से इस विषय में बात भी करूंगा ताकी जल्द शिक्षाकर्मी परंपरा ही हमेशा के लिए समाप्त हो जाए और नई भर्ती के पूर्व आप सब का संविलियन हो जाए इसके लिए उन्होंने अनुशंसा पत्र भी लिखा है । विधायक शिवरतन शर्मा को ज्ञापन सौंपने वालों में संविलियन अधिकार मंच के सदस्य अभय कुमार पांडे, हर प्रसाद कश्यप, दयाराम साहू, तिलक राम साहू, कोमल प्रसाद देवांगन, प्रियतम भारद्वाज, दुर्योधन साव, शशिभूषण पटेल, जगदीश प्रसाद साहू, देवेंद्र कुमार डडसेना शामिल थे

Related Articles

Back to top button