रिपोर्टर@समर बहादुर सिंह राजनगर। जिला के रामनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत दो व्यक्तियों कि आपसी लेने के मामले में चेक बाउंस होने की शिकायत रामनगर थाना पहुंचने पर रामनगर थाने के प्रधान आरक्षक राम प्रसाद प्रजापति द्वारा राजेंद्र साहू से मामले का निपटारा करने के बदले में 60 हजार रूपए की मांग की गई। जिसकी शिकायत लोकायुक्त रीवा से होने पर लोकायुक्त रीवा की 18 सदस्यी टीम ने रामनगर थाने पर छापा मारा जहां पर प्रमुख आरोपी प्रधान आरक्षक फरार होने में सफल हो गया। वही फोन की कॉल रिकॉर्डिंग एवं अन्य दस्तावेजों के आधार पर लोकायुक्त की टीम ने प्रधान आरक्षक राम प्रसाद प्रजापति एवं दो बैंक कर्मियों के विरुद्ध मामला पंजीबद्ध किया है। इस संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार राजनगर निवासी राजेंद्र साहू पिता मोहन साहू उम्र 36 वर्ष ने राजनगर के मदन दास पनिका से आपसी लेनदेन किया था जिसके एवज में राजेंद्र साहू द्वारा मदन दास पनिका को 2 लाख रूपए का चेक दिया गया था जो बाउंस हो गया था जिसकी शिकायत मदन दास पनिका द्वारा रामनगर थाने में दर्ज कराई गई थी जिसके पश्चात राजेंद्र साहू द्वारा लेन-देन की राशि मदन दास पनिका को दे दी गई एवं मनेंद्रगढ़ न्यायालय में 50 के स्टाम्प पर दोनों पक्षों ने 23 जनवरी 2020 को लिखा पड़ी किया कि हम दोनों का लेनदेन क्लियर हो चुका है एवं हम दोनों एक दूसरे के ऊपर कोई कार्यवाही नहीं चाहते हैं। वही मदन दास पनिका के द्वारा रामनगर थाना प्रभारी को 23 जनवरी को एक आवेदन दिया गया। जिसमें कहा गया कि मेरे द्वारा राजेंद्र साहू के खिलाफ की गई शिकायत मैं वापस लेता हूं एवं राजेंद्र के खिलाफ कोई भी कार्रवाई नहीं चाहता हूं किंतु इस पूरे मामले में प्रधान आरक्षक राम प्रसाद प्रजापति विवेचना अधिकारी थे जिससे वह लगातार राजेंद्र साहू को मामला निपटाने के एवज में पैसा देने के लिए दवाब बनाते रहे और न देने पर मुकदमा दर्ज करने की धमकी देते रहे जिस से त्रस्त होकर राजेंद्र साहू द्वारा 60 हजार रुपए देने की बात पर सौदा तय हुआ और राजेंद्र साहू द्वारा यह बोला गया कि मैं धीरे-धीरे पैसा दे दूंगा, किंतु राम प्रसाद द्वारा मुस्ट पैसे की मांग की जाने लगी जिस से त्रस्त होकर राज राजेंद्र साहू द्वारा राम प्रसाद की शिकायत 12 मार्च को लोकायुक्त रीवा को की गई। जिसकी शिकायत हो संज्ञान लेते हुए लोकायुक्त टीम रीवा द्वारा 14 मार्च को 10 बजे राजनगर पहुंची। इस संबंध में लोकायुक्त रीवा के उप पुलिस अधीक्षक वी.के.पटेल ने बताया कि राजेंद्र साहू द्वारा रामनगर थाने के प्रधान आरक्षक रामप्रसाद प्रजापति के खिलाफ शिकायत की गई थी कि वह मामले को रफा-दफा करने के लिए 60 हजार रूपए की मांग कर रहा है हमारी टीम राजनगर आई एवं मामले का सत्यापन कराया तो मामला सही पाया गया। जिस पर राजेंद्र साहू द्वारा राम प्रसाद प्रजापति को पैसा देने के लिए फोन किया गया, किंतु रामप्रसाद ने फोन नहीं उठाया जिसके बाद राजेंद्र साहू द्वारा सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया शाखा न्यू राजनगर के कैसियर कमल मंडल को फोन लगाया गया और कहा गया कि आप रामप्रसाद से बोले कि रामप्रसाद आकर पैसा ले जाएं जिस पर कमल देवमंडल ने जब राम प्रसाद को फोन लगाया तो रामप्रसाद ने बोला कि आप राजेंद्र साहू से पैसा ले ले मैं आपसे बाद में ले लूंगा जिस पर कमल देव मंडल द्वारा कहा गया कि मैं अभी बिहार में हूं मैं पैसा बैंक के दैनिक वेतन भोगी धीरेंद्र कुमार पटेल के माध्यम से थाने में भिजवा देता हूं जिस पर राम प्रसाद प्रजापति ने कहा कि पैसा थाने में नहीं आप केराहा नाला के पास लेकर धीरेंद्र को भेज दीजिए जिस पर धीरेंद्र उक्त राशि के रहा नाला के पास लेकर खड़ा था जिसे लेने रामप्रसाद जा रहा था किंतु रामप्रसाद को शक हुआ और वह वापस थाने में आ गया जहां टीम ने उसका पीछा किया तो वह रामनगर थाने से फरार होने में सफल हो गया, किंतु टीम के पास उसके खिलाफ कॉल रिकॉर्डिंग से कर अन्य साक्ष्य मौजूद हैं जिस पर टीम ने रामनगर थाने के प्रधान आरक्षक राम प्रसाद प्रजापति सेंट्रल बैंक आफ इंडिया शाखा न्यू राजनगर के कैसियर कमल देव मंडल एवं दैनिक वेतन भोगी धीरेंद्र कुमार पटेल के खिलाफ धारा 7 (क) भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर राजेंद्र वर्मा पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त रीवा के निर्देश पर डीके पटेल उप पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त रीवा के नेतृत्व में निरीक्षक परमेंद्र सिंह एवं अनूप सिंह ठाकुर एवं 18 सदस्य द्वारा कार्रवाई किया गया। लोकायुक्त के इस कार्रवाई से क्षेत्र के अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है तो पुलिस विभाग के कर्मचारी सकतेमें है तो यह पूरा मामला आम जनमानस में चर्चा का विषय बना हुआ है।