संतोष चौरसिया बदरा-जमुना। कोतमा गांधी चैक में 12 बजे से आम सभा नागरिकता संषोधन कानून के जरिए केन्द्र की भाजपा सरकार ने भारत का एक और विभाजन का रास्ता साफ कर दिया है। संविधान के अनुच्छेद 14 में साफ लिखा है कि नस्ल, रंगभेद, जाति, मजहब, भाषा के आधार पर आमजन के बीच भेदभाव नहीं किया जाएगा। नागरिकता संषोधन कानून में यदि गैर मुस्लिम भारत में आकर 6 वर्ष तक रहता है तो उसे भारत की नागरिकता दे दी जाएगी। किन्तु मुसलमान को नागरिकता पाने के लिए 50 वर्षों का दस्तावेज साबित करना होगा। पाकिस्तान एक मजहब आधारित देश है, भारत उसके मुकाबले पर क्या धर्म आधारित देष बनेगा, कभी नहीं। 19 दिसम्बर 1929 को देश की बलिवेदी पर महान क्रान्तिकारी ठाकुर रौशन सिंह, पं. रामप्रसाद बिस्मिल, अस्फाक उल्लाह खान को अलग-अलग जेलों में फाॅसी हुई थी। इसीलिए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने 19 दिसम्बर 2019 को सद्भावना दिवस, धर्मनिरपेक्षता दिवस मनाने का फैसला किया है और जामिया विष्वविद्यालय के छात्रों के साथ जो पुलिस ने मारपीट किया है, इसके विरोध में भी कोतमा गांधी चैक में एक आम सभा करेगी। किसानों, मजदूरों, बुद्धिजीवियों, महिलाओं, नवजवानों, छात्रों, अमन पसंद लोगों से पार्टी ने अपील किया है कि 19 दिसम्बर 2019 को देश के संविधान, जम्हुरियत की रक्षा करने के लिए आगे आए तथा कार्यक्रम को सफल बनायें।