*शिवपुरी में दो दलित बच्चों की जघन्य हत्या के विरोध में ज्ञापन सौंपा गया संतोष चौरसिया जमुना कोतमा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और क्रांतिकारी दलित संघर्ष मोर्चा की ओर से 18:10: 2019 को कोतमा तहसीलदार को जिला कलेक्टर के नाम से शिवपुरी में हुए दो दलित बच्चियों को पीट-पीटकर मारने की तथा उनकी हत्या करने के खिलाफ भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य परिषद के सदस्य और क्रांतिकारी दलित संघर्ष मोर्चा जिला अनूपपूर के संयोजक कॉमरेड विनोद ओगरे के द्वारा ज्ञापन सौंपा गया कॉमरेड विनोद ओगरे ने कहा कि भारत में आजादी के 70 साल के बाद भी दलितों को बराबरी का अधिकार अभी तक नहीं मिला है तथा संविधान भले ही दलितों को बराबरी का अधिकार देता है लेकिन अभी भी रूढ़िवादी समाज उन्हें बराबरी का हक नहीं देना चाहता जब तक दलितों को समाज में बराबरी का दर्जा नहीं मिलेगा संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकार से दलितों को कोई लाभ नहीं मिलेगा कितनी दुर्भाग्य की बात है कि जहां देश गांधी की 150वीं जयंती समारोह मना रहा है तो वही दलितों के साथ भेदभाव बदस्तूर जारी है हमारे प्रधानमंत्री जी जिनेवा में जाकर के शौचालय बनाने का ढोल पीटते हैं लेकिन वही शिवपुरी जिले में दबंग सरपंच के द्वारा पहले तो उस भूमिहीन दलित परिवार के घर शौचालय नहीं बनने दिया गया और दूसरी ओर जब उनके बच्चे खुले में शौच के लिए बाहर गए तो उन्हें पीट पीट करके मार डाला गया जिस तरह उन दलित बच्चों की हत्या की गई उसकी जांच के लिए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का प्रतिनिधिमंडल मौके पर गया तथा जो रिपोर्ट मध्य प्रदेश सरकार को दिया उसके तहत निंदा करते हुए हमें हम मांग करते हैं कि बच्चों के हत्यारे पर 302 का मुकदमा कायम किया जाए एवं पीड़ित परिवार को ₹5000000 का मुआवजा भुगतान कराया जाए इसके साथ ही साथ यह सुनिश्चित किया जाए कि दोबारा ऐसी कोई घटना सामने ना आया है क्योंकि जब भाजपा की सरकार थी तब भी दलित पर अत्याचार होता था तब कांग्रेस के लोग कहते थे कि भाजपा दलित विरोधी है आज कांग्रेस की सरकार है फिर भी अगर दलितों की हत्या हो रही है तो कहीं ना कहीं भाजपा कांग्रेस की सांठगांठ दलितों के खिलाफ खुलकर के सामने आ रही है जहां अपराधी एक होकर के अपराध को अंजाम दे रहे हैं हमारे जिले में शौचालय निर्माण में व्यापक भ्रष्टाचार हो रहा है तथा जो शौचालय बने हुए हैं अगर उसकी कायदे से जांच की जाए तो यह बात सामने निकलकर आएगी की एक भी शौचालय उपयोग के लायक नहीं है किसी में दरवाजे नहीं है तो किसी में पानी की व्यवस्था नहीं है तो कहीं टैंक नहीं बने हैं तो कहीं छत नहीं बना है एक भी शौचालय उपयोग के लायक नहीं है फिर भी पूरे पंचायतों को ओडीएफ घोषित कर अपनी पीठ थपथपा ने वाली सरकार के मंत्री मुख्यमंत्री के गलत नीतियों की वजह से ही आज भी खुले में शौच बदस्तूर जारी है हमें मांग करते हैं कि अनूपपुर जिले में सर्वे कराकर के यह बात की तस्दीक की जाएगी कितने शौचालय उपयोग के लायक हैं तथा इस भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारी कर्मचारियों को तत्काल निलंबित कर उनके खिलाफ सरकार कार्यवाही करें