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*छत का छप्पर गिरा बाल बाल बचा कालरी श्रमिक

*खबर का तत्काल असर*
*छत का छप्पर गिरा बाल बाल बचा कालरी श्रमिक *
*मरम्मत के अभाव में जर्जर है कॉलोनी आवास*
संतोष चौरसिया
जमुना कोतमा एसईसीएल के जमुना कोतमा क्षेत्र के कालोनियों के छतो की हालत जर्जर है वह पूरे बरसात में टपक रहा है और टपकते छत के नीचे कालरी श्रमिक रहने को मजबूर हैं लेकिन कालरी प्रबंधन द्वारा अभी तक छत मरम्मत का कार्य नहीं कराया जा रहा है जबकि उसका ठेका ठेकेदार को दिया जा चुका है शायद प्रबंधन किसी गंभीर हादसे का इंतजार कर रही है इसका ज्वलंत उदाहरण आज 25 जुलाई 2020 को माइनस कॉलोनी चांदनी चौक के पास जमुना कॉलरी क्वार्टर नंबर d 62 का छत का सीमेंट भरभरा कर गिर गया गनीमत यह रही कि किसी को गंभीर चोट नहीं लगी यहां एक और कॉलरी प्रबंधन आवास मरम्मत के नाम पर भारी भरकम रुपए खर्च कर चुकी है उसके बाद भी श्रमिक आज भी भय के साए में अपना जीवन यापन कर रहा है यह कितना बड़ा गोलमाल है जिसे देखने और सुनने वाला कोई नहीं है इन क्वार्टर के कालरी श्रमिकों व अन्य लोगों ने भी क्षेत्र के महाप्रबंधक बी पी सिंह व सिविल विभाग से मांग किया है कि उक्त क्वार्टर का मरम्मत कार्य तुरंत कराया जाए जिससे कि वह उन क्वार्टर में रह सकें जानकारी के मुताबिक क्वार्टर में रहने वाले श्रमिक ने बताया कि आवास का छत गिरने के बाद सिविल विभाग को फोन द्वारा सूचना दी गई लेकिन कोई भी अभी तक नहीं पहुंचा है जिससे घर की सारी व्यवस्थाएं अव्यवस्थित हैं
*खबर का असर*
ज्ञात हो कि उक्त समाचार सोशल मीडिया में चलने के बाद उक्त मामले को डायरेक्टर पर्सनल बिलासपुर ने गंभीरता से लेते हुए तत्काल जमुना कोतमा क्षेत्र के सिविल विभाग को जांच कर मरम्मत करने के निर्देश दिए निर्देश के अनुसार सिविल विभाग दल पहुंचा भी जिसमें अरविंद कुमार एसओ सिविल आरपी तिवारी सिविल इंजीनियर आरके सिंह व रामपाल दीक्षित सीनियर ओवर शियर लेकिन सबसे मजे की बात तो यह है कि जिस घर के छत का प्लास्टर गिरा था वहां तक सिविल विभाग पहुंच ही नहीं पाया और एक दूसरे क्वार्टर का वीडियो बनाकर की छत नहीं गिरा है और पंचनामा तैयार कर जबकि उक्त वीडियो में भी उस घर की महिला यह कहती हुई नजर आ रही है कि छत का प्लास्टर तो नहीं गिरा है लेकिन कई जगह से पानी जरूर टपकता है वीडियो में से उसे काटकर डीपी महोदय को यह रिपोर्टिंग कर दी कई की छत से प्लास्टर गिरने की खबर गलत है और ऐसा हुआ ही नहीं है तब हमारे प्रतिनिधि ने उक्त d62 नंबर क्वार्टर में जाकर दूसरा वीडियो बनाया जिसमें कि वह कालरी कर्मचारी कह रहा है कि हमारे यहां तो कोई अधिकारी आया ही नहीं और यह प्लास्टर गिरा हुआ है जब दूसरा हकीकत और सही वीडियो घर का सामने आया तब पुनः आनन-फानन में कालरी के सिविल विभाग के अधिकारी पहुंच कर उसके मरम्मत की बात कह रहे हैं अब देखना यह है कि उक्त गिरे हुए प्लास्टर छत की मरम्मत होती है या फिर कोई फर्जी वीडियो बनाकर उच्चाधिकारियों को यह कह दिया जाएगा कि वहां तो कुछ छत से गिरा ही नहीं है उक्त पूरे मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक है