महामारी को लेकर लापरवाही कर रहा है अमलाई पेपर मिल चैतन्य मिश्रा अनूपपुर/कोरोना वायरस की पहुंच अब दुनिया के 200 देशों में है। पूरी दुनिया इस वायरस की जकड़ में है। दुनिया के 300 करोड़ से ज़्यादा लोग लॉकडाउन में हैं, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे हैं। लॉकडाउन करने वाले देशों में भारत सबसे प्रमुख है। क्योंकि 135 करोड़ लोगों को 21 दिनों तक घरों में बंद रहने का आदेश दिया गया है। लेकिन वायरस के ख़तरे के बीच बहुत सारे लोग सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ा रहे हैं। भारत कोरोना वायरस के कम्युनिटी संक्रमण के खतरे से बचने के लिए पूरी कोशिश कर रहा है, लेकिन इन कोशिशों के बीच बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है।शहडोल में ओरिएंट पेपर मिल्समें तमाम गाइडलाइंस होने के बावजूद उद्योगों की एक विशेष आदेश के तहत मिली सशर्त छूट से पेपर उद्योग और कास्टिक सोडा यूनिट को बिगत दिनों चालू कर दिया गया था , और बहरी राज्यों से वाहनों का आवागमन वे रोकटोक चालू लेकिन ओरिएंट पेपर मिल्स द्वारा , लॉकडाउन के नियमो का उलघंन किया जा रहा है घटना दो दिन पहले की है जिसमे राजस्थान से आई ट्रकों के ड्राइवरों को तेज़ बुखार की शिकायत थी ,जिन्हे ओपीएम हॉस्पिटल द्वारा बिना थर्मल स्कैनिंग के ही सामान्य दवा देकर उन्हें खुले में छोड़ दिया गया और इस संक्रमण की जानकारी भी प्रबंधन दवारा प्रशासन से छिपाई गई,बाद में कोरनटीन कर सैंपल जाँच के लिए भेजे गए ,मिली जानकारी के अनुशार इसके अलावा पेपर मिल के अंदर एक मज़दूर जो की ठेका श्रमिक था उसे अचानक चक्कर आ गया और वह वही गस्त खा कर गिर गया बाद में पता चल की उसे तेज़ बुखार है ,कम्पनी ने उसे भी आनन फानन में बिना जांच के छुट्टी देकर उसके गृह ग्राम भेज दिया ,इन सब घटना क्रम से पता चलता है की पेपर मिल्स प्रबंधन वैश्विक महामारी कोरोना के प्रति लड़ाई में कितने सजग और तत्पर है ,यह समाचार सुनते ही आस पास के समस्त ग्राम वासियों में दहसत का माहौल देखने को मिल रहा है ।पेपर मिल्स प्रबन्धन द्वारा की गई इस लापरवाही से शहडोल संभाग की जनता को कोरोना महामारी के चपेट में न ला दे।जो अब तक प्रशासन की मुस्तैदी के कारन दस्तक भी नहीं दे पाया है ,समय रहते अगर प्रशासन नहीं चेता तो निश्चित इस लापरवाही का खामियाजा आम जनता को भी भुगतना पड़ सकता है .