रिपोर्टर@संजीत सोनवानी राजेन्द्रग्राम। पुष्पराजगढ़ तहसील मुख्यालय से 25 किलोमीटर की दूरी से लगी लीला टोला से नानघटी मार्ग को आज सालों से हेबिआ नेशनल रोड इकटोन कपंनी के द्गारा बनाया जा रहा है। जब वर्षा होती है, तब छोटी वाहन मालिकों को गीली मिट्टी व काली मीट्टी का सामना करना पड़ता है। ठेकेदार अपनी मनमानी तरीके से सड़क निर्माण तो करा रही है लेकिन जो छोटी वाहनों के लिए सड़क में मुरूम वा डालवाकर छोटी वाहनों के लिए सुविधा मुहैया कराया जाना चाहिए था, लेकिन शासकीय कर्मकचारी हो चाहे किसान की छोटी वाहन हो जैसी सी गुजरते है उन्हे अपने सही समय पर जानें से सड़क अपने साथ ही काम करने को मजबूर कर देता है ऐसी हालत में यदि कोई भी मरीज फंस जाए तो सड़क कीड़च युक्त सड़क यमदूत साबित होते दिखाई दे रही है। जिसे समय रहते अगर लीला टोला से दमेहडी मार्ग फिनीक्स नहीं है तो आने वाले समय में छोटी वाहन जैसे मोटर साईकिल, बोलेरो,कार, इत्यादि वाहनो को सबसे ज्यादा देवरी पुल एंव बहेराटोला की जगहों पर परेशानियों की सामना करना पड़ता है जो इस तरह सड़क में मुरूम के नाम पर काली मिट्टी डलवाया गया है। जिससे अधिकारी कर्मचारी से लेकर क्षेत्र के ग्रामीण जनों को भी आने जानों को भी इस मार्म से गुजरना दुर्लभ हो जाएगी और ऐसे ही अपने जेब की लागत लगाकर जेसीबी के सहारे से अपनों वाहनों को रस्सी से खीचते नजर आएगें एवं देवरी पुल के पास जीता जागता उदाहरण है, जो बरसात के पानी में दो से तीन फिट गहरे कीचड़ है, वह स्वयं जाकर देखा जा सकता है जो थोडी सी भूल हुई तो वाहन में बैठे सवारियों की क्या दशा हो सकती है। जिसकी जिम्मेदार कौन होगी यह तो भगवान ही जाने।