रिपोर्टर@समर बहादुर सिंह राजनगर कॉलरी। जिले के अंतिम छोर पर बसा राजनगर कोयलांचल इस समय रेत के अवैध व्यवसाय को लेकर चर्चा बना हुआ है। और रेत माफिया कहीं पर निगाहें कहीं पर निशाना के तहत रेत का अवैध व्यवसाय कर रहे हैं। जहां शिकायत वन एवं खनिज की। किंतु रेत का उठाव बंद पड़ी कोयले की खुली खदान से किया जा रहा है। जिसे लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है। और अवैध व्यवसाय होने के बाद भी क्षेत्र के लोग इस व्यवसाय को सही मानते हैं, क्योंकि शासन की लीज संबंधी अभी तक कोई स्पष्ट नीति क्षेत्रवासियों के लिए दिखाई नहीं पड़ती है। और लोगों को निर्माण कार्य तो करना ही है। जिससे लोगों को चोरी के रेत पर ही निर्भर होना पड़ता है, बस विवाद तो रेत के महंगे दामों पर मिलने को लेकर रहता है। जिस संबंध में भी लोगों को रेत उपलब्ध कराने वालों की तमाम दलीलें हैं। की रेत छुपा कर निकाला पड़ता है जिससे काम करने वालों की मजदूरी दुगनी देने के साथ-साथ संबंधित को सुविधा शुल्क देना पड़ता है। वहीं क्षेत्र में मैं अवैध रेत परिवहन करने वाले व्यक्तियों के दो ग्रुप में कार्य करने की बात सामने आ रही है। जहां संबंधित ग्रुप अपने क्षेत्र से ध्यान हटाने के लिए दूसरे क्षेत्र की शिकायतकर्ता है जहां से रेत का उठाव होता ही नहीं है। जिसे लेकर संबंधित अधिकारी भी असमंजस में दिखलाई नजर आते हैं। की रेत चोरी कहां से किया जा रहा है और करवाई किस विभाग के लोग करें। राजस्व, खनिज ,वन या पुलिस विभाग जबकि सच्चाई यह है कि रेत का उठा व जो किया जा रहा है वह इन तीनों से परे हटकर बंद पड़ी राजनगर खुली खदान से किया जा रहा है जहां ग्राम पंचायत डोला एवं राजनगर के कुछ स्थान इस समय अवैध रेत परिवहन एवं भंडारण का केंद्र बना हुआ है। जहां क्षेत्र में अवैध रेत की बिक्री करने वाले डोला के तिकड़ी एवं राजनगर की टीम द्वारा जैसी रात्रि होती है क्षेत्र में फील्डिंग करना प्रारंभ कर दिया जाता है और रात्रि 8 बजे से लेकर सुबह 6 बजे के बीच बंद पड़ी खदान के ई-सेक्टर, स्टोर, एफ सेक्टर, क्रेशर सेक्टर सी, केराहा नाला एवं कुरजा रोड स्थित सब स्टेशन के पास से अवैध रेत भरकर टैªक्टर एवं छोटे हाईवा से गंतव्य तक पहुंचा दिया जाता है, जिसकी कीमत 5000 से लेकर 6000 तक होती है और ग्राहक की इमरजेंसी देखकर दाम बढ़ भी जाते हैं। जिसको देखते हुए आवश्यकता इस बात की है कि सभी विभाग असमंजस की स्थिति छोड़कर संयुक्त टीम बनाकर क्षेत्र में हो रहे अवैध रेत परिवहन के ऊपर कार्रवाई कर अवैध रेत परिवहन में संलग्न वाहनों को जप्त कर सख्त कार्रवाई करें इस संबंध में वन विभाग कोतमा के रेंजर रविशंकर त्रिपाठी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि हमें भी शिकायतें मिलती रहती हैं जिसको देखते हुए मेरे द्वारा सभी कर्मचारियों को सख्त आदेश दिए गए हैं। कि वन विभाग के किसी भी जमीन से अवैध रेत का परिवहन नहीं होना चाहिए मेरे द्वारा भी क्षेत्र का भ्रमण किया गया है किसी भी स्थान से रेत का उठाव होना नहीं पाया गया है। खुली खदान की कुछ जगहों से रेत का उठाव होने की बात सामने आ रही है जिस संबंध में संबंधित विभाग कार्रवाई करेगा उक्त स्थान हमारे क्षेत्राधिकार से बाहर का है।