शहडोल

डाॅक्टर के द्वारा स्वास्थ्य महिला कर्मचारी को कर रहे प्रताड़ित

स्वास्थ्य महिला कर्मचारी ने संभागयुक्त से लगाई न्याय की गुहार

रिपोर्टर@संजीत कुमार सोनवानी

शहडोल। जिला मुख्यालय अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र देवकी पनाड़िया (ए.एन.एम.) जिला षहडोल म.प्र. में विगत 13 वर्षाे से मुख्यालय में पदस्थ स्वास्थ्य महिला कर्मचारी डाॅक्टर के तानाषाह रवैया से परेषान होकर शहडोल संभागायुक्त के षिकायत की है कि दो छोटी-छोटी बच्चियों है तथा मेरे पति फौज में है जो देष की सेवा कर रहे है। मेरे साथ वर्तमान में रहने वाले कोई नही हैं, इसलिए डाॅ. रौनक मिश्रा, राजन नाविक द्वारा मानसिक प्रताड़ना किया जा रहा है, जिससे भयभीत है उक्त डाॅक्टर के द्वारा विभिन्न प्रकार धमकी दिया जा रहा हैै और कोरोना महामारी के कारण हुए लाॅकडाउन के समय मेरा स्थानांतरण प्रा.स्वा.केन्द्र छाता कर दिया। जिससे 07 मई 2020 को ज्वांइन भी कर ली थी, उसके बाद राजनैतिक पकड़ होने से 14 मई 2020 को छाता से रामपुर बुढ़ार ब्लाॅक मे स्थानांतरण कर दिया गया। जिस आदेष के तहत मुझे परेषान किया जा रहा है, क्योंकि प्रा.स्वा. केन्द्र बरतरा में राजन नाविक (ड्रेसर) जो शासकीय दवाईयों की दिन 1 बजे से रात तक प्राइवेट क्लीनिक खोलकर पैसे मे दवाईयां वर्षाे से अवैध रूप से बेचा जा रहा है।
उपस्थिति रजिस्टर में फर्जी हस्ताक्षर
महिला ने बताया कि डाॅ. रौनक मिश्रा विदेश में 3 माह के लिए गये थे, उनका उपस्थित रजिस्टर राजन नाविक के द्वारा घर में ले जाकर उसके पिता के द्वारा हस्ताक्षर कराया जा रहा था जिसका लगातार मेरे द्वारा कहा गया कि यह नियम विरुद्ध है तथा इसका विरोध भी किया। इन्ही व्यक्तियों के द्वारा मेरे परिवार को बर्बाद करने की धमकी दे रहे है और मेरा सम्मान, इज्जत सभी को साजिष रचकर किया जा रहा है, पीड़ित कर्मचारी एक आदिवासी वर्ग के मजदूर की पुत्री है जिसका फायदा उठाकर मेरे खिलाफ फंसाने की साजिष रच रहे है, जिस पीड़ित कर्मचारी ने शासन-प्रशासन से न्याय की गुहार लगाते हुए कहा कि इसकी सूक्ष्मता से जांचकर न्याय दिलाया जाये।
जातिभेद शब्दो का प्रयोग कर रहे अपमानित
इसके पूर्व भी राजन नाविक (ड्रेसर) के द्वारा बरतरा मे पदस्थ सुरेष प्रजापति (स्वीपर) के द्वारा उनके ऐसे कृत्य का विरोध किया गया था तो उसका दो दिन के अंदर डाॅ. रौनक मिश्रा के द्वारा सी.एच.सी. सिंहपुर स्थानांतरण कर दिया गया और फिर वह बाद मे बरतरा आ गया और फिर उसका स्थानांतरण बुढार कर दिया गया। डाॅ. रौनक मिश्रा और डेªसर राजन नाविक द्वारा विभिन्न प्रकार की धमकी मुझे दी जा रही है और बोला गया कि कलेक्टर कमिष्नर हम लोगों का कुछ नहीं बिगाड़ सकते है, क्योकि हमारी पहुंच बहुत ऊपर तक है जिसको जो करना है वह कर ले। पीड़ित कर्मचारी भयभीत है।
साफ-सफाई से इंकार करने पर फंसाने की धमकी
पीड़ित कर्मचारी ने कहा कि डाॅ. रौकन मिश्रा बोलते है कि बिस्तर साफ करो, झाडू लगाओं और बर्तन साफ करने से मना किया तो मुझे बर्बाद करने की धमकी देते है तथा उक्त साजिष रचकर फंसाने की धमकी भी दिया जाता है। पीड़ित कर्मचारी ने बताया कि डाॅ. रौकन मिश्रा माह अक्टूबर नवम्बर दिसम्बर 2019 में विदेष में थे, मगर उपस्थित रजिस्टर में घर ले जाकर राजन नाविक द्वारा उनके पिता से हस्ताक्षर कराया गया जिसका पीड़ि महिला कर्मचारी के द्वारा विरोध लगातार किया गया तथा जिसको लेकर कई प्रकार की धमकी दी जा रही है।
स्थानांतरण कर, कर रहे प्रताड़ित
डाॅक्टर के तानाशाही रवैया के कारण 7 दिवस के अंदर 2 बार स्थानांतरण किया गया जिससे प्रार्थिया काफी परेशान हो गई है। प्रार्थिया के दो छोटे-छोटे बच्चे है। उनका पालन पोषण व शिक्षा दीक्षा की सम्पूर्ण जबाबदारी भी मेरे ऊपर ही है, क्योंकि मेरे पति सेना में है और देष की सेवा कर रहे है। पीड़ित कर्मचारी के बार-बार स्थानांतरण किये जाने से गंभीर समस्या निर्मित हो गई है। प्रार्थिया को बिना किसी कारण के एक स्थान से दूसरे स्थान स्थानांतरण कर प्रताड़ित किया जा रहा हैं जिसका भी निष्पक्ष जाॅच किया जाना न्यायहित में आवश्‍यक है और स्थानांतरण के पूर्व किसी प्रकार का कोई स्पष्टीकरण व सुनवाई किये बिना ही स्थानांतरण कर दिया गया हैं। पीड़ित स्वास्थ्य महिला कर्मचारी ने संभागयुक्त से शिकायत में बताया कि डाॅ. रौनक मिश्रा एवं राजन नाविक (डेªसर) प्रा. स्वा. केन्द्र बरतरा के द्वारा प्रताड़ित किये जाने व शासन के नियम विरुद्ध कार्य कराये जाने का आदेश दिये जाने व मना करने पर स्थानांतरण कर दिये जाने के संबंध में सूक्ष्मता से जाॅच कराया जाकर दोषीजनों के विरुद्ध कडी़ से कड़ी कानूनी कार्यवाही कर न्याय दिलाया जाये।

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